जनसंदेश टाइम्‍स - में प्रकाशित यह गजल पढें ----- ओर गॉव स्‍तर पर भ्रष्‍टाचार देखें---अंतिम शेर यूॅ है ----- रोज सदन में गॉव पे चर्चा होती है /अपना देश महान देख कर आया हॅू