झोपड़ी में हों या हवेली में
सभी उलझे किसी पहेली में
सभी उलझे किसी पहेली में
है कोई पढके जो बता देता
क्या लिखा है मेरी हथेली में
क्या लिखा है मेरी हथेली में
भूखे बच्चों को कैसे बहलाऊँ
चार दाने तो हों पतेली में
चार दाने तो हों पतेली में
खुद को मुखिया वो गॉव का कहता
जहर देता है गुड की भेली में
जहर देता है गुड की भेली में
जिंदगी की किताब पढ न सके
कट गयी उम्र ही अटखेली में
कट गयी उम्र ही अटखेली में
उसकी खुशबू कहॉ तलाश करूॅ
वो न बेला न वो चमेली में
वो न बेला न वो चमेली में