नम मिट्टी पत्थर हो जाये ऐसा कभी न हो
मेरा गाँव, शहर हो जाये ऐसा कभी न हो।
मेरा गाँव, शहर हो जाये ऐसा कभी न हो।
हर इंसान में थोड़ी बहुत तो कमियाँ होती है
वो बिल्कुल ईश्वर हो जाये ऐसा कभी न हो।
वो बिल्कुल ईश्वर हो जाये ऐसा कभी न हो।
बेटा, बाप से आगे हो तो अच्छा लगता है
बाप के वो ऊपर हो जाये ऐसा कभी न हो।
बाप के वो ऊपर हो जाये ऐसा कभी न हो।
मेरे घर की छत नीची हो मुझे गवारा है
नीचा मेरा सर हो जाये ऐसा कभी न हो।
नीचा मेरा सर हो जाये ऐसा कभी न हो।
खेत मेरा परती रह जाये कोई बात नहीं
खेत मेरा बंजर हो जाये ऐसा कभी न हो।
खेत मेरा बंजर हो जाये ऐसा कभी न हो।
गाँव में जब तक सरपत है बेघर नहीं है कोई
सरपत सँगमरमर हो जाये ऐसा कभी न हो।
सरपत सँगमरमर हो जाये ऐसा कभी न हो।
